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कारगिल विजय दिवस पर टीम हेल्थकेयर सोल्जर्स का विशेष कार्यक्रम
सेना के शौर्य और देश के भविष्य पर होगी चर्चा
इंदौर, 24 जुलाई 2026। कारगिल विजय दिवस के अवसर पर रविवार, 26 जुलाई, को डॉ. संदीप जुल्का के नेतृत्व में टीम हेल्थकेयर सोल्जर्स द्वारा एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल ऑडिटोरियम, ढक्कन वाला कुआं पर शाम 4:30 बजे आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में भारतीय सेना के शौर्य, राष्ट्रीय सुरक्षा, भारत की रणनीतिक दिशा और डिजिटल युग में भारतीय विरासत के संरक्षण जैसे विषयों पर विशेषज्ञ अपने विचार साझा करेंगे। कार्यक्रम में पूर्व सैनिकों, विद्यार्थियों, चिकित्सकों, शिक्षकों और विभिन्न क्षेत्रों के नागरिकों की सहभागिता रहेगी।
कार्यक्रम में सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट कर्नल यादवेन्द्र जादौन “भारत की रणनीतिक दिशा : एक परिप्रेक्ष्य” विषय पर अपने विचार रखेंगे। उनके व्याख्यान में कारगिल युद्ध के बाद भारत की बदलती रणनीतिक सोच, राष्ट्रीय सुरक्षा, सीमाओं पर बदलती चुनौतियां, ऑपरेशन सिंदूर भारत की रक्षा तैयारियां, इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में भारत की भूमिका और बदलते वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य जैसे जैसे विषय शामिल रहेंगे। एलएनसीटी की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर डॉ. संध्या चौकसे “डिजिटल युग में भारतीय विरासत : अतीत का संरक्षण और भविष्य का निर्माण” विषय पर व्याख्यान देंगी।
टीम हेल्थकेयर सोल्जर्स के फाउन्डर और हार्मोन रोग विशेषज्ञ डॉ. संदीप जुल्का ने कहा कि कारगिल विजय दिवस हमें केवल 1999 की ऐतिहासिक जीत की याद नहीं दिलाता, बल्कि यह भी बताता है कि बदलते समय के साथ भारत की रक्षा रणनीति और सुरक्षा व्यवस्था लगातार मजबूत हुई है। कारगिल से लेकर हाल के ऑपरेशन सिंदूर तक भारतीय सशस्त्र बलों ने साहस, संयम और आधुनिक रणनीति का परिचय दिया है। इसी बदलाव और भारत की रणनीतिक यात्रा को इस कार्यक्रम में विशेषज्ञ विस्तार से समझाएंगे। उन्होंने कहा कि आज के युवाओं के लिए केवल इतिहास जानना ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा, बदलते वैश्विक परिदृश्य और राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका को समझना भी उतना ही ज़रूरी है।
सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट कर्नल यादवेन्द्र जादौन ने कहा कि कारगिल युद्ध से लेकर हाल के ऑपरेशन सिंदूर तक भारतीय सशस्त्र बलों ने हर चुनौती का मजबूती से सामना किया है। बदलते युद्ध स्वरूप, नई तकनीकों और वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य को समझना आज युवाओं के लिए उतना ही जरूरी है, जितना देश के गौरवशाली इतिहास को जानना। राष्ट्रीय सुरक्षा केवल सेना की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि जागरूक नागरिकों की भागीदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।
एलएनसीटी की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर डॉ. संध्या चौकसे ने कहा कि भारत की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत केवल स्मारकों या पुस्तकों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारी जीवन शैली, मूल्य व्यवस्था, ज्ञान परंपरा और वैज्ञानिक सोच का भी आधार रही है। नालंदा विश्वविद्यालय, शून्य की खोज, गणित, आयुर्वेद, शल्य चिकित्सा और भारतीय सेना की वीर गाथाएं हमारी समृद्ध विरासत का हिस्सा हैं, जिन्हें नई पीढ़ी तक प्रभावी तरीके से पहुंचाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल तकनीक के इस दौर में वर्चुअल रियलिटी, एनिमेशन, डिजिटल स्टोरीटेलिंग और अन्य आधुनिक माध्यमों के जरिए भारतीय इतिहास और संस्कृति को बच्चों और युवाओं तक रोचक तरीके से पहुंचाया जा सकता है।
डॉ. जुल्का ने सुबह होने वाले कार्यक्रम के बारे में कहा कि युवाओं को कारगिल विजय दिवस के बारे में जागरूक करने के लिए देशभक्ति से प्रेरित एक कार्यक्रम सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल ऑडिटोरियम पर ही आयोजित किया जा रहा है जिसमें सिक्का स्कूल, डीपीएस इंदौर, लॉरेल्स इंटरनेशनल स्कूल, माँ उमिया गर्ल्स स्कूल, एक्रोपोलिस कॉलेज, एलएनसीटी कॉलेज, एनसीसी, बीएसएफ बैंड और शिशुकुंज स्कूल के छात्रों ने रुचि दिखाई है। कार्यक्रम का सीधा प्रसारण यूट्यूब पर भी किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोग इस आयोजन से जुड़ सकें।


